अभिव्यंजना
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Monday, 19 October 2015
मौन गूंज
आज
मेरी हिचकी कुछ कहती है
वैसे ही . . . . . . . . . जैसे
तेरी चुप्पी कुछ बोलती है ।
Sunday, 4 October 2015
साया
वजह ,
तेरी हिचकी की कोई और होगी
मत पाल वहम
कि , मैंने याद किया होगा
तू तो साया है मेरा,
शायद ही कभी दूर हुयी होगी ।
फर्क़ नही पड़ता
कि , तुझे पा ही लूं
तेरी खुशियों में ही तो मैं हूँ ।
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