नहीं चाहिये ............ तुम्हारे
सुर्ख होठों की छुवन ,
नर्म त्वचा का स्पर्श ,
औ ............. ना ही
तपती देह की ऊष्मा
चाहिये .............. सिर्फ
तुम्हारा शिकन हीन चेहरा ,
सदाबहार मुस्कान के फूल ।
सुर्ख होठों की छुवन ,
नर्म त्वचा का स्पर्श ,
औ ............. ना ही
तपती देह की ऊष्मा
चाहिये .............. सिर्फ
तुम्हारा शिकन हीन चेहरा ,
सदाबहार मुस्कान के फूल ।
Hey who's that....
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